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हाथरस के लेखक भगवानसिंह मस्ताना की बस में बिकने वाली पुस्तिकाएं।

हमें अपनी पुरानी पुस्तकें समेटते समय कुछ लेटर प्रेस से मुद्रित बहुत पुरानी चार - चार पन्ने वाली हाथरस के लेखक भगवानसिंह मस्ताना की बस में बिकने वाली पुस्तिकाएं मिली।



आपने कई बार बस में सामान बेचने वाले देखें होगें। ये पुस्तिकाएं भी शायद इसी प्रकार बिकती थीं।

प्रस्तुत है इन्हीं पुस्तिकाओं की फोटोज़।



यह शायद एक की चार वाली बिक्री के लिए बनी थी इस लिए पेपर भी न्यूजपेपर वाला यूज किया गया है साथ ही A3 साइज पर प्रिन्ट करके फोल्ड करके एक पुस्तिका का रूप दिया गया है।



इन पुस्तिकाओं की विषय-वस्तु भी लोक लुभावन और रसीली जान पड़ती है।


पर अगर ग्राफिक डिजाइन की दृष्टिकोण से देखा जाए तो ये पुस्तिकाएं दुर्लभ मानी जाएगीं।



फोटो साभार: ललित सागर


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